अब 52 गढ़ो पर अंतरिक्ष से नजर

बीरो भड़ों कू देश बावन गढो कू देश आपने यह गीत अक्सर सुना होगा। जो गढकवि नरेन्द्र सिह नेगी के द्वारा रचित व गया गया है लेकिन का अब दिन बहुराने वाले है। दरअसल उत्तराख्ांड अंतरिक्ष केन्द्र द्वारा उपग्रहों के माध्यम से बारीक नजर रखी जायेगी ताकि इन गढों के बारे में आम आदमी नजदीक से जान सकें।
गढवाल को बावन गढों का देश भी कहा जाता है। लेकिन यहां सिर्फ बावन ही नहीं कई गढ रहें है। वरिष्ठ इतिहासकार व पत्रकार डॉ योगम्बर सिंह बर्तवाल का कहना है कि बावन गढ तो प्रचलन की बात है।वरना यहां तो 250 से लगभग गढ है।जो किसी न किसी समय पर हमारे गढपतियां के केन्द्र रहें है।यूसैक द्वारा  इन गढों पर नजर रखी जायेगी यह एक शुभ समाचार है।

वही बावन गढों पर सेटैलाईट कैमरे से नजर रखने की बात पर यूसैक के निदेशक डॉ एम पी एस बिष्ट का कहना है कि यह हमारी प्रमुख धरोहरें है इनका संरक्षण आवश्यक है।यह एक शोध का विषय भी है साथ ही इससे लोगो की गढों के बारे में नजदीकी से जानने को मिलेगा।

बावन गढ़ हमारे  खास विरासत है इसमें काई शक नहीं है। यूसैक द्वारा इन पर कैमरो से नजर रखा जाना निश्चित तौर पर एक शुभ समाचार है।जिससे आम आदमी को यहां की लोक विरासत के बारे में नजदीक से जानने का मौका मिलेगा। वही शोध के छात्रों के लिए यह विषय एक अलग प्रकार का विषय होगा।