29 फीट जन्मकुण्डली देखी है कभी आपने?

पिछले दिनों टिहरी गढवाल के श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय बादशाहीथौल  में राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं पुराना दरवार  द्वारा  5 दिवसीय पाण्डुलिपि संरक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमे पाण्डुलिपियों पर शोध करने वाले  विभिन्न शोधथियों को पाण्डुलिपि को संजोने के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यशाला में ठाकुर भवानी सिंह द्वारा संकलित पुराना दरवार की दुर्लभ पाण्डूलिपियों की प्रर्दशनी भी लगाई गई जिसमें ठाकुर विचित्र सिंह की 29 फीट की जन्मकुण्डली का भी प्रर्दशन किया गया। आम तौर पर जन्म कुण्डलियों को मृत्य के बाद समाप्त कर दिया जाता लेकिन इस जन्म कुण्डली को तत्कालीन राजा के निर्देश पर संरक्षित किया गया ।कुण्डली की खास बात यह थी कि इसमें लिखा हुआ लेख समय के साथ घटित होता गया।