१०८ आपातकालीन सेवा के १० साल पुरे, मुख्यालय मैं मनाया जन्मदिन

15 मई 2008 को दस एम्बुलेंस वाहनों के साथ आरम्भ की गयी थी सेवा।

  • – अबतक लगभग 32 हजार से अधिक लोगों को जीवनदान दे चुकी है 108 आपातकालीन सेवा।
  • -अब तक क सफर में लगभग 12.62 लाख से अधिक लोगांे को आपातकालीन सेवाएं प्रदान की गयी।
  • लगभग 4.92 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को आपातकालीन स्थितियों के दौरान राज्य के विभिन्न अस्पतालों तक सुरक्षित पहुॅचाया गया।
  •  सम्पूर्ण राज्य में लगभग 10,200 से अधिक बच्चों की जन्मस्थली बन चुकी है 108 आपातकालीन सेवा।
  •  1.28 लाख से अधिक सड़क दुर्घटना सम्बन्धी मामलों में पीड़ितों को सहायता प्रदान की गयी है।

आपातकालीन स्थिति के दौरान प्रतिदिन सैकड़¨ं ल¨ग¨ं को सहायता प्रदान कर रही जीवीके ईएमआरआई 108 आपातकालीन सेवा ने देवभूमि उत्तराखण्ड में  15 मई, 2018 क¨ अपने सफल संचालन के दस वर्श पूर्ण कर लिए हैं। ज्ञात हो कि दस वर्श पूर्व दिनांक 15 मई, 2008 क¨ जीवीके ई.एम.आर.आई. ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सहयोग से उत्तराखण्ड राज्य में 108 आपातकालीन सेवा का संचालन आरम्भ किया था। तब मात्र 10 एम्बुलेंस वाहनों के साथ इस सेवा का संचालन चार धाम यात्रा मार्गों से आरम्भ किया गया था, जबकि वर्तमान में यह सेवा 139 एम्बुलेंस वाहनों की सहायता से सम्पूर्ण राज्य में आपातकालीन सेवाएं प्रदान कर रही है। 108 सेवा की टीम ने कड़ी मेहनत करते हुए प्रत्येक आपातकालीन स्थिति के दौरान जरूरतमंद¨ं क¨ तत्काल प्राथमिक उपचार देते हुए नजदीकी अस्पतालों तक पहुॅचाया अ©र अपनी ईमानदारी एवं निस्वार्थ भावना से ल¨ग¨ं का विश्वास जीता। चाहे बात आए दिन ह¨ने वाली सड़क दुर्घटनाअ¨ं की ह¨ अथवा कोई अन्य आपातकालीन स्थिति कीे, प्रत्येक आपातकालीन स्थिति में 108 सेवा राज्य के   लिए जीवनदायिनी साबित हुई है।

वर्तमान में जीवीके ई.एम.आर.आई. द्वारा राज्य में 108 आपातकालीन सेवा के अतिरिक्त खुषियों की सवारी तथा 104 एकीकृत हेल्पलाइन सेवा का भी सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इस अवसर पर जीवीके ईएमआरआई के राज्य प्रभारी मनीश टिंकू ने अपनी टीम को बधाई एवं षुभकामनाऐं प्रेशित की और कहा की जीवीके ईएमआरआई भविश्य में भी इसी मेहनत, लगन तथा दृढ़संकल्पित होकर आगे भी आम जनमानस को आपातकालीन सेवाऐं प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि इन दस वर्शोें की अवधि में (दिनांक 15 मई, 2008 से 13 मई, 2018 तक) जीवीके ईएमआरआई 108 आपातकालीन सेवा द्वारा लगभग 12 लाख 62 हजार से अधिक पीड़ितों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान की गई हैं जो कि अपने-आप में एक उपलब्धि है। राज्य की गर्भवती महिलाओं को इस सेवा का सबसे अधिक लाभ प्राप्त हुआ है, अब तक लगभग 4 लाख 92 हजार से अधिक गर्भावस्था सम्बन्धी मामलों में सेवांए प्रदान की गई हैं। अस्पताल ले जाते समय लगभग 10,200 से अधिक बच्चों का जन्म 108 एम्बुलेंस वाहनों में हुआ है। 108 आपातकालीन सेवा के एम्बुलेंस वाहनों ने अब तक 1 लाख 28 हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई है।

इस अवसर पर जीवीके ई.एम.आर.आई. 108 आपातकालीन सेवा के स्टेट हैड मनीष टिंकू ने इस सेवा क¢ सफल संचालन हेतु उत्तराखण्ड सरकार, स्वास्थ्य विभाग, प्रषासन, राज्य की जनता, मीडिया एवं अपने सभी सहयोगियों तथा अन्य सभी नागरिकों का हार्दिक धन्यवाद देते हुए कहा कि जीवीके ई.एम.आर.आई. द्वारा इन दस वर्शों के दौरान राज्य में नये-नये आयाम स्थापित किये गये हैं तथा भविश्य में भी 108 सेवा की टीम चाहती है कि अपनी मेहनत, लगन, निःस्वार्थ भावना से राज्य की जनता को अपनी सेवाएं प्रदान करती रहे। उन्होंने कहा कि यदि हम पिछले दस वर्शों की ओर देखें तो हमारी यह यात्रा अत्यधिक उत्साह, ख्याति, कड़ी मेहनत, टीम भावना, ईमानदारी, कत्र्तव्यनिश्ठा से पूर्ण रही है एवं इस दौरान हमें ना केवल अपनी टीम बल्कि सभी अधिकारियों, राजनेताओं, मीडियाबन्धुओं एवं विषेशकर राज्य के आम जनमानस की ओर से पूर्ण सहयोग एवं षुभकामनाएं प्राप्त हुई हैं।

108 आपातकालीन सेवा से सम्बन्धित कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े

– 108 सेवा के काॅल सेन्टर द्वारा प्रत्येक 20 सेकण्ड में एक काॅल प्राप्त की जाती है।

– 108 सेवा के काॅल सेन्टर द्वारा प्रत्येक 3 मिनट में एक आपातकालीन काॅल प्राप्त की जाती है।

– 108 सेवा की एम्बुलेंस द्वारा प्रत्येक 12 मिनट में एक गर्भावस्था सम्बन्धी मामले में सहायता प्रदान की जाती है।

– 108 सेवा की एम्बुलेंस द्वारा प्रत्येक 34 मिनट में एक सड़क दुर्घटना सम्बन्धी केस में सहायता प्रदान की जाती है।

– प्रत्येक 9 घंटे के अन्तराल में 108 सेवा की एम्बुलेंस में एक षिषु का जन्म होता है।