शहीद के परिजनां को चार गुना आर्थिक मदद की हर जगर सराहना

शहीद के परिजनां को चार गुना आर्थिक मदद की हर जगर सराहना हो रही है। और हो भी क्यों नही क्योंकि एक जब अपने देश की रक्षा के लिए पअपनी शहादत तक दे देता है तो उसके परिवार और बच्चों पर मसीबत के पहाड़ टूट पड़ता है जो आजीवन नहीं मिट पाता हैं। शहीदां के परिजनों को मिलने वाली इस आर्थिक सहायता पर राजनीतिक और पूर्व सैनिकों का क्या कहना है देखते है, इस रिपोर्ट में
देश के खातिर शहीद होना यूं तो सबसे बड़ा काम काम माना जाता है लेकिन अभी तक शहीद परिवारों को मिलने वाली राशि शहीद परिवार के लिए सम्मान जनक नहीं मानी जाती थी केन्द्र सरकार ने इसे 2 लाख से बड़ाकर आठ लाख कर दिया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विरेन्द्र रावत का कहना है कि दो लाख की राशि कम थी इससे सैनिक परिवारों में आक्रोश रहता था। यह हमारी सरकार का सराहनीय कार्य है।

बी ओ 2 शहीद परिवारो को दी जाने वाली यह राशि युद्व के हताहतों के लिए बनाये गये सेना युद्व हताहत कोष के तहत दी जाती है जायेगी। युद्व में जान गवाने वाले या  60 प्रतिशत या उससे अधिक अपंगता के लिए यह राशि दी जायेगी। वही इस पहल पर ब्रिगेडियर केजी बहल सेवानिवृत का कहना हैका कहना है कि यह पहल शानदार है लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है। कि जा पूर्व में शहीद हुऐ है उनकी सहायता राशि में भी कुछ इजाफा होना चाहिये तभि यह पहल सार्थक मानी जायेगी।

वही इस पहल पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सुर्यकांत धस्माना का कहना है कि यह स्वागत योग्य कदम है शहीद परिवारों को इस तरह की आथिक सहायता हर हाल में मिलनी चाहिए। साथ ही जो पूर्व में शहीद हुऐ सैनिक है उनको भी यह राशि मिलनी चाहिए।

केन्द्र सरकार द्वारा शहीद और अपंग सैनिको  के लिए दी जाने वाली इस सहायता राशि निश्चित रूप से एक सराहनीय कदम है। लेकिन जो सैनिक पूर्व में शहीद हुऐ हैं। उनके परिजनों को भी यह सहायता राशि मिलनी चाहिए ताकि वह अपने आप को ठग महसूस न कर सकें।