केदारनाथ यात्रा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना बड़ी चुनौति

कुलदीप राणा आजाद/रूद्रप्रयाग
एंकर:  केदारनाथ यात्रा का काउनडाउन शुरू हो चुका है। 9 मई को बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए ग्रीष्म काल के छः माह के लिए खोल दिए जायेंगे लेकिन उससे पहले जिला प्रशासन के लिए इस वर्ष की यात्रा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना बड़ी चुनौति बनी हुई है। यह इस लिए कि इस बर्ष केदारनाथ में भारी बर्फबारी हुई है जिस कारण केदारनाथ में भारी नुकसान हुआ है। वर्तमान समय में भी केदारनाथ धाम में 4 से पांच फीट तक बर्फ जमी हुई है। केदारनाथ धाम में समस्त विभागीय अधिकारियों के साथ यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुँचे जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि बर्फबारी के कारण केदारनाथ में भारी नुकसान हुआ है। पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युत सहित जीएमवीएन, मंदिर समिति के हट्स व सुलभ के शौचालयों को भारी नुकसान पहुंचा है। जबकि अब यात्रा आरम्भ होने को मात्र आधा माह का समय शेष रह चुका है। जिलाधिकारी ने कहा कि हालांकि यात्रा व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं और सम्बंधित विभाग अपने-अपने स्तर से कार्यों में जुटे हैं जिन्हें 6 मई तक  सभी तैयारियों को पूर्ण करने के निर्देश दिये गए हैं। रामबाड़ा से केदारनाथ तक के 10 किमी के ट्रैक पर भारी बर्फ होने व बड़े-बड़े ग्येशियर मौजूद होने के कारण यात्रा तैयारियों में कठिनायां आ रही हैं। आपको बताते चले कि इस वर्ष जहां ग्यलेशियरों और बर्फ के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग खतरनाक बना हुआ है वहीं बर्फबारी से पैदल रास्ते पर रेंलिगें टूट जाने के कारण मार्ग और भी भयावाह बना हुआ है।